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ऐक्शन में CJI यूयू ललित, कहा- अदालत ने 4 दिनों में 1293 भ्रामक मामलों का निपटारा किया

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न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने बीते दिनों 49वें भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ ली है. उनके भारत के मुख्य न्यायाधीश बनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने मात्र चार दिनों में 1800 से अधिक मामलों का निपटारा किया है. इसमें गुजरात 2002 दंगों से जुड़ा केस और बाबरी मस्जिद मामले से जुड़ा केस भी शामिल है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में बोलते हुए सीजेआई यूयू ललित ने सुप्रीम कोर्ट के इस प्रदर्शन का विवरण दिया.

बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में हिस्सा लेने के बाद नवनियुक्त भारत के मुख्य न्यायाधीश उदय उमेश ललित ने कहा कि अदालत ने चार दिनों में 1,293 के भ्रामक मामलों का निपटारा किया है. आप कल्पना करते हैं कि अदालतें अब मामलों के निपटारे को अधिक से अधिक महत्व दे रही हैं.

इसके अलावा उन्होंने कहा कि मैं लोगों की अपेक्षाओं को पूरा करने की पूरी कोशिश करूंगा. मैंने कार्यभार ग्रहण करने से पहले के समय की तुलना में मामलों को सूचीबद्ध किया है. पिछले चार दिनों में मेरे सचिव ने मेरे सामने आंकड़े रखे हैं. पिछले चार दिनों में अदालत द्वारा निपटाए गए मामलों की कुल संख्या 1293 है.

कौन हैं जस्टिस यू ललित?
जस्टिस यूयू ललित का पूरा नाम उदय उमेश ललित है. वह सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस हैं. इससे पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में एक वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में अभ्यास किया. जस्टिस ललित अब तक सीधे सुप्रीम कोर्ट में कार्यभार संभालने वाले छठे वरिष्ठ अधिवक्ता होंगे. जस्टिस जीएस सिंघवी और जस्टिस एके गांगुली की सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने जस्टिस ललित को दूसरे स्पेक्ट्रम मामले में सीबीआई का विशेष अभियोजक नियुक्त किया था.

यूयू ललित कई हाई प्रोफाइल मामलों से जुड़े थे. जिसमें अभिनेता सलमान खान का काला हिरण शिकार का मामला में शामिल है. इसके अलाला जस्टिस यूयू ललित देश के सामाजिक व्यवस्था पर बड़ा असर डालने वाले तीन तलाक जैसे अहम फैसले देने वाली बेंच का हिस्सा रहे हैं. लेकिन जस्टिस यूयू ललित का चीफ जस्टिस के तौर पर कार्यकाल काफी छोटा होगा और वह 8 नवंबर, 2022 को रिटायर हो जाएंगे.

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