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चुनावी साल में गुजरात सरकार की बढ़ी परेशानी, आदिवासी और किसानों ने गांधीनगर में शुरू किया विरोध प्रदर्शन

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गांधीनगर: चुनावी साल में गुजरात सरकारी की परेशानी बढ़ गई है. राजधानी गांधीनगर में आज विरोध का माहौल देखने को मिला. एक तरफ जहां किसान बिजली की मांग को लेकर गांधीनगर पहुंचे हैं. वहीं दूसरी तरफ आदिवासी तापी लिंक योजना के खिलाफ गांधीनगर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.

दक्षिण गुजरात में केंद्र सरकार द्वारा नर्मदा नदी लिंक परियोजना आकार ले रही है, जिसका स्थानीय आदिवासी विरोध कर रहे हैं. परियोजना का विरोध करते हुए आदिवासी गांधीनगर पहुंच गए हैं. कांग्रेस इसे मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की तैयारी बना रही है. गांधीनगर के सत्याग्रह छावनी में कांग्रेस ने आदिवासी सम्मेलन का आयोजन किया है. आदिवासी समाज के पदाधिकारी सत्याग्रह छावनी में अधिवेशन का आयोजन किया है. आदिवासियों के विरोध के मद्देनजर गांधीनगर में पुलिस के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. आदिवासी विरोधी नीतियों पर कांग्रेस ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि आदिवासी विकास के लिए अपनी जमीन नहीं छोड़ने पर अड़े हैं.

उधर, राज्य के किसान बिजली को लेकर आक्रामक मूड में हैं. गांधीनगर में किसानों ने ट्रैक्टर रैली कर पर्याप्त बिजली नहीं मिलने पर नाराजगी जताई. रैली का आयोजन भारतीय किसान संघ की ओर से किया गया है. किसानों ने राज्य सरकार पर पर्याप्त बिजली नहीं देने का आरोप लगाया है. किसान संघ का कहना है कि आठ घंटे की जगह छह घंटे ही बिजली मिलने से किसान परेशान हैं. इसलिए अपनी मांग को लेकर किसान ट्रैक्टर लेकर गांधीनगर पहुंचे हैं. पेथापुर यूजीवीसीएल कार्यालय पर बड़ी संख्या में किसान जमा हो गए हैं. इसलिए बड़ी संख्या में पुलिस के जवानों को वहां भी तैनात किया गया है.

चुनावी साल में कांग्रेस आदिवासी और किसानों को होने वाली परेशानी को मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है. जहां कांग्रेसी नेता सड़क पर उतरकर किसान और आदिवासियों की आवाज उठा रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ कांग्रेस सदन में भी इन मुद्दों को लेकर भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है.

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