कोरोना ने देश के कई राज्य में हालात बिगाड़ दी है. कई राज्यों में मौजूदा हालात बेकाबू हो रहे हैं. कर्नाटक भी उन्हीं में से एक है. खासतौर से बेंगलुरु में हालात बेकाबू हो रहे हैं. देश का अगला हॉटस्पॉट बन रहे बेंगलुरू से भी बड़े चौंकाने वाले आंकड़े आ रहे हैं. बाक़ी शहरों के मुकाबले बेंगलुरू का ओवर ऑल डेथ रेट भी हैरान करने वाला है.
आंकड़ों के मुताबिक, बेंगलुरू में अब तक कुल 25,288 कोरोना के केस सामने आए हैं जिनमें 507 लोगों की जान जा चुकी है. बेंगलुरू का अब तक मौत का आंकड़ा 4.8% है जो कि दिल्ली, कोलकाता, चेन्नई से भी ज्यादा है. बेंगलुरु के सबसे पुराने विक्टोरिया अस्पताल में तो स्थिति और भी भयावह है. इस अस्पताल में कुल 91 मरीजों की मौत हुई है जिसमें से 89 को वेंटिलेटर पर रखा गया था.
वेंटिलेटर पर आए 97% मरीजों की मौत
रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु के सबसे बड़े कोरोना अस्पताल में वेंटिलेटर पर रखे गए 97% मरीजों की मौत हो गई. यह आंकड़ा दुनिया के सबसे ज्यादा कोरोना मृत्यु दर वाले देशों से भी ज्यादा है. 100 साल पुराने विक्टोरिया अस्पताल को बेंगलुरु मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्स इंस्टीट्यूट से जोड़कर शहर का पहला कोरोना अस्पताल बनाया गया था.
1500 मरीज में से 91 को वेंटिलेटर पर रखा गया
आंकड़ों के मुताबिक, अस्पताल में कुल 1500 कोरोना मरीज भर्ती किए गए इनमें 91 को सांस लेने में ज्यादा तकलीफ के चलते वेंटिलेटर पर रखा गया. इनमें से 89 की मौत हो गई. आपको बता दें कि बेंगलुरू के सभी कोरोना अस्पतालों के मुकाबले विक्टोरिया अस्पताल में सबसे ज्यादा 50 वेंटिलेटर उपलब्ध हैं. वेंटिलेटर पर 97% मरीजों की मौत का आंकड़ा बताता है कि इन्टेसिव केयर में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. यहां तक कि इटली में पीक के दौरान में वेंटिलेटर पर कोरोना मरीजों की मौत का आंकड़ा सिर्फ 65% था.
देश में 10 लाख से ज्यादा संक्रमित
मालूम हो कि भारत में अब कोरोना मरीजों की संख्या 10 लाख के पार पहुंच गई है. पिछले 24 घंटे में इस संक्रमण के सबसे ज्यादा 34,956 नए मामले सामने आए हैं और 687 लोगों की मौत हुई है. देश में कुल संक्रमितों की संख्या 10,03,832 हो गई है. इनमें 3,42,473 एक्टिव केस हैं तो वहीं 6,35,757 लोग ठीक हो चुके हैं. 25,602 लोगों को मौत इस महामारी के कारण हो चुकी है.
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