अहमदाबाद: गुजरात में कोरोना वायरस की दूसरी लहर कहर बनकर टूट पड़ी है. हालांकि पिछले कुछ दिनों में राज्य में कोरोना संक्रमितों की संख्या में थोड़ी कमी आई है, लेकिन इतनी नहीं कि राहत की सांस ली जाए. इससे भी ज्यादा खतरनाक यह कि अब कोरोना की वजह से गाँवों की स्थिति अब बिगड़ती जा रही है. गुजरात कांग्रेस ने आज एक संवाददाता सम्मेलन का आयोजन कर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांवों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी के कारण मामले बढ़ रहे हैं. Gujarat Congress demands economic relief
4 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की मांग Gujarat Congress demands economic relief
गुजरात कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमित चावड़ा ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना के कारण राज्य में भय का माहौल पैदा हो गया है. सरकार के अनाड़ी प्रशासन के कारण यह स्थिति पैदा हुई है. राज्य में कोरोना की हालत बेकाबू हो गई है. लोगों को बेड, इंजेक्शन, ऑक्सीजन और कोरोना टेस्ट के लिए भटकना पड़ रहा है.
अनाड़ी प्रशासन की वजह से ग्रामीण इलाकों में बढ़ा कोरोना Gujarat Congress demands economic relief
अमित चावड़ा ने आरोप लगाया कि सरकार के अनाड़ी प्रशासन के कारण लोगों को मौत के कगार पर धकेला जा रहा है. इतना नहीं राज्य सरकार कोरोना से सच्ची मौत का आंकड़ा छिपा रही है. चावड़ा ने कहा कि सरकारी आंकड़े कुछ ओर होते हैं लेकिन कोरोना गाइडलाइन के हिसाब से अंतिम संस्कार करने के लिए लोगों की लाइन लगी है. गुजरात कांग्रेस राज्य में कोरोना के कारण होने वाली मौतों की संख्या के बारे में भी जानकारी प्राप्त कर रही है. Gujarat Congress demands economic relief
इसके साथ कांग्रेस नेता ने मांग की कि गाँवों में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सामूहिक परीक्षण और सामूहिक टीकाकरण किया जाए. आज भी गाँवों में कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक लेने के बाद लोगों को दूसरी खुराक के लिए परेशान होना पड़ रहा है. राज्य सरकार को कोरोना से मरने वालों के परिवारों को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत 4 लाख रुपये की सहायता प्रदान करनी चाहिए. Gujarat Congress demands economic relief
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