गांधीनगर: गुजरात सरकार ने पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और पीएनजी पर करों से दो साल में 34,094.22 करोड़ रुपये की कमाई की है. कोरोना महामारी के दौरान वर्ष 2020 में सरकार का राजस्व 13,691 करोड़ था, हालांकि वर्ष 2021 में राजस्व बढ़कर 20,402.37 करोड़ हो गया, इस प्रकार पेट्रोल-डीजल सहित करों के कारण गुजरात सरकार का खजाना भर गया है. यह जानकारी वित्त मंत्री ने विधानसभा में दी. गुजरात में पेट्रोल और डीजल पर वैट के अलावा उपकर भी लगाया गया है.
साल 2020 की तुलना में 2021 में राजस्व में वृद्धि
गुजरात में सरकरा पेट्रोल पर 13.7 फीसदी टैक्स और 4 फीसदी सेस, डीजल पर 14.9 फीसदी टैक्स और 4 फीसदी सेस लगाती है, जबकि सीएनजी और पीएनजी पर 15-15 फीसदी टैक्स लगता है, इन दोनों उत्पादों पर सेस नहीं लगता है. गुजरात सरकार ने साल 2020 में पेट्रोल टैक्स से 3919.76 करोड़ रुपये और साल 2021 में 5865.43 करोड़ रुपये की कमाई की है. इसी तरह डीजल से 2020 में 8753.58 करोड़ रुपये और 2021 में 12551.38 करोड़ रुपये की कमाई की है.
कोरोना काल में सरकार का राजस्व 13,691 करोड़ रुपये हुआ
कोरोना महामारी के दौरान गुजरात सरकार से बार-बार मांग की गई थी कि लोगों की आर्थिक स्थिति खराब है, लोगों की रोजी-रोटी प्रभावित हुई है, ऐसे में सरकार वैट की दर कम करे और लोगों को महंगाई से कुछ राहत दे, हालांकि राज्य सरकार ने अभी तक इस मांग को स्वीकार नहीं किया है और लोगों को उनकी हालत पर जिंदगी गुजारने के लिए छोड़ दिया है.
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