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उद्धव ठाकरे ने मध्यावधि चुनाव की मांग की, कहा- हमसे शिवसेना का चिन्ह कोई नहीं छीन सकता

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मुंबई: एकनाथ शिंदे गुट के बगावत के चलते शिवसेना को महाराष्ट्र सरकार से बेदखल होना पड़ा है. उसके बाद से शिवसेना लगातार शिंदे गुट पर हमलावर है. इस बीच राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना के अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र में मध्यावधि चुनाव की मांग की है. साथ ही उन्होंने पार्टी चिह्न पर एकनाथ शिंदे गुट के दावे पर कहा कि कोई इसे छीन नहीं सकता है.

शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आज मुंबई में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस संबोधित करते हुए कहा कि धनुष और बाण के चिन्ह पर कोई संदेह न करें. ये शिवसेना का है और हमेशा रहेगा. इस दौरान उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का 11 जुलाई का फैसला सिर्फ शिवसेना का ही नहीं बल्कि भारतीय लोकतंत्र का भविष्य भी तय करेगा.

इस मौके पर उद्धव ठाकरे ने मुश्किल वक्त में पार्टी का साथ देने वाले नेताओं का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि यह पहली बार नहीं है जब पार्टी ने इस तरह की बगावत का सामना किया है. विधायक आते हैं और चले जाते हैं, लेकिन पार्टी का वजूद खत्म नहीं होता है.

क्या सांसद भी देंगे झटका

शिवसेना के एक सांसद ने पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे से एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के लिए अपने समर्थन की घोषणा करने का आग्रह किया है. जिसके बाद एक बागी विधायक ने दावा किया है कि 18 में से 12 सांसद जल्द ही एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हो जाएंगे.

इस साल बीएमसी चुनाव

यहां बता दें कि बीएमसी चुनाव जल्द होने की संभावना जताई जा रही है. मतदाता अपने वार्ड से नगरसेवकों का चयन करेंगे. उसके बाद वह लोग निगम के महापौर और उप महापौर के चुनाव के लिए मतदान करेंगे. चुनाव की तैयारी पहले से ही चल रही है और महाराष्ट्र चुनाव आयोग जल्द ही इसकी तारीखों की घोषणा कर सकता है. बीएमसी चुनाव आमतौर पर अप्रैल-मई में होते हैं लेकिन इस बार ओबीसी आरक्षण के मुद्दे के कारण चुनाव में देरी हुई. ऐसे हालात में अगर चुनाव होता है तो शिवसेना को बड़ा झटका लगेगा. बीएमसी पर बीते कई सालों से शिवसेना का कब्जा है.

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