- बिहार विधानसभा चुनाव से पहले डीजीपी ने लिया वीआरएस
- पांडेय के वीआरएस पर शिवसेना खड़ा कर रही है सवाल
- प्रियंका चतुर्वेदी ने बिना नाम लिए पांडेय पर बोला हमला
- कहा- किसी की मौत से कैंपेन की शुरुआत करना दुर्भाग्यपूर्ण
बिहार विधानसभा चुनाव से बिल्कुल पहले राज्य के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने मंगलवार को अचानक वीआरएस लेने का ऐलान कर दिया.
नीतीश कुमार की सरकार ने उनके वीआरएस पर मंजूरी की मुहर लगा दी है. जिसके बाद माना जा रहा है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव में बक्सर से चुनाव लड़कर अपने सियासी पारी का आगाज कर सकते हैं.
लेकिन उन्होंने फिलहाल इस बात से इनकार कर दिया है. पांडेय का वीआरएस लेना सियासी पार्टी से जुड़े लोगों को हजम नहीं हो रहा है.
शिवसेना वीआरएस पर खड़ा कर रही है सवाल
डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे का वीआरएस लेना सियासी गलियारे में चर्चा का विषय बन गया है. खासतौर से शिवसेना इस मामले को सियासी नजरिया से देख रही है.
शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने बिना नाम लिए गुप्तेश्वर पांडे पर जोरदार हमला बोला है. उन्होंने कहा कि किसी की मौत से कैंपेन की शुरुआत करना दुर्भाग्यपूर्ण है.
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राजनीति करनी है तो जम्म के करो, चुनाव लड़ना है तो साहस और सत्य पर लड़ो। पर इस ‘गुप्त’ तरीक़े से, किसी की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से अपने campaign की शुरुआत करना वो बहुत दुखदाई भी है और दुर्भाग्यपूर्ण भी।
भगवान आपको सफलता से पहले सदबुद्धि दे, यही मनोकामना है।— Priyanka Chaturvedi (@priyankac19) September 23, 2020
प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर बोला हमला
कांग्रेस से शिवसेना से दामन थामने वाली प्रियंका चतुर्वेदी ने पांडेय के वीआरएस पर हमला करते हुए ट्वीट किया “राजनीति करनी है तो जम्म के करो. चुनाव लड़ना है तो साहस और सत्य पर लड़ो.
पर इस ‘गुप्त’ तरीक़े से, किसी की दुर्भाग्यपूर्ण मौत से अपने campaign की शुरुआत करना वो बहुत दुखदाई भी है और दुर्भाग्यपूर्ण भी. भगवान आपको सफलता से पहले सदबुद्धि दे, यही मनोकामना है.”
बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं. उन्होंने डीजीपी पद से मंगलवार को अचानक वीआरएस ले लिया था. पद को छोड़ने वाले आवेदन को बिहार सरकार ने मंजूर कर लिया है.
सेवानिवृत्त होने के बाद गुप्तेश्वर पांडेय ने कहा कि वह अब डीजीपी नहीं रहे इसलिए उनपर अब सरकारी आदेश लागू नहीं होगा.
वीआरएस लेने के एक दिन बाद यानी आज उन्होंने मीडिया को खिताब करते हुए कहा कि मेरे रिटायरमेंट सुशांत सिंह राजपूत मामले से कोई लेना-देना नहीं है.
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